नींद न आना: कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अंतिम अपडेट 18 अक्टूबर 2026.

कभी-कभार नींद न आना आम बात है, खासकर तनाव, यात्रा या बीमारी के समय। लेकिन जब यह हफ़्तों तक चले और दिन के कामकाज पर असर डालने लगे, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

अनिद्रा कैसी दिखती है

  • बिस्तर पर लेटने के बाद देर तक नींद न आना
  • रात में बार-बार नींद टूटना
  • सुबह बहुत जल्दी आँख खुल जाना और फिर नींद न आना
  • पूरी रात सोने के बाद भी थकान महसूस होना
  • दिन में चिड़चिड़ापन, ध्यान न लगना या काम में गलतियाँ

आम कारण

  • चिंता, तनाव या मन में लगातार विचार चलना
  • डिप्रेशन (उदासी) — इसमें अक्सर सुबह बहुत जल्दी नींद खुल जाती है
  • देर रात तक फ़ोन या स्क्रीन देखना
  • शाम को चाय, कॉफ़ी या एनर्जी ड्रिंक
  • शराब — शुरू में नींद लाती है, पर रात में नींद तोड़ती है
  • ज़ोर से खर्राटे और सोते समय सांस रुकना (स्लीप एपनिया)
  • दर्द, थायरॉइड या दूसरी शारीरिक बीमारियाँ, और कुछ दवाइयाँ

खुद क्या कर सकते हैं

  • रोज़ एक ही समय पर सोएँ और उठें, छुट्टी के दिन भी
  • सोने से एक घंटा पहले फ़ोन और स्क्रीन बंद करें
  • दोपहर के बाद चाय-कॉफ़ी कम करें
  • बिस्तर का इस्तेमाल सिर्फ़ सोने के लिए करें, फ़ोन चलाने या काम के लिए नहीं
  • अगर 20 मिनट तक नींद न आए, तो उठकर हल्की रोशनी में कुछ शांत काम करें, और नींद आने पर ही लौटें
  • दिन में थोड़ी धूप और व्यायाम, पर सोने से ठीक पहले भारी व्यायाम नहीं

नींद की गोलियों के बारे में

कुछ नींद की गोलियाँ लंबे समय तक लेने पर आदत बन सकती हैं, और अचानक बंद करने पर नींद और बिगड़ सकती है। इन्हें केवल डॉक्टर की सलाह से, कम समय के लिए लेना चाहिए। अक्सर नींद न आने के पीछे की असली वजह — जैसे चिंता या डिप्रेशन — का इलाज करने से नींद अपने-आप सुधर जाती है।

कब मनोचिकित्सक से मिलें

  • जब नींद की परेशानी तीन हफ़्तों से ज़्यादा रहे
  • जब दिन में काम, पढ़ाई या रिश्तों पर असर पड़ने लगे
  • जब साथ में उदासी, घबराहट या बेचैनी भी हो
  • जब नींद के लिए शराब या गोलियों पर निर्भर होने लगें

ज़ोर से खर्राटे, सोते समय सांस रुकना या दिन में बहुत ज़्यादा नींद आना स्लीप एपनिया के संकेत हो सकते हैं — इसके लिए डॉक्टर से जाँच ज़रूर करवाएँ।

अगर मन में खुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आ रहे हों, तो इंतज़ार न करें: Tele-MANAS पर 14416 पर कॉल करें (मुफ़्त, दिन-रात उपलब्ध), या नज़दीकी इमरजेंसी में जाएँ।

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स्रोत

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।